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Aarti Shri Chandraprabhu Ji / आरती श्री चन्द्रप्रभु जी
जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चन्द्रप्रभु जी की सामान्य आरती — चंद्रपुरी (वाराणसी) में जन्मे, चंद्रलांछनधारी, श्वेत वर्णी जिनेश्वर की भक्तिमय स्तुति।
Read more →Aarti Shri Bahubali Ji / आरती श्री बाहुबली जी
जैन धर्म के महान तपस्वी भगवान बाहुबली जी की आरती — श्रवणबेलगोला की विशाल प्रतिमा वाले, प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ के पुत्र, ध्यान में लीन महायोगी की भव्य वंदना।
Read more →Aarti Shri Anantnath Ji / आरती श्री अनंतनाथ जी
जैन धर्म के चौदहवें तीर्थंकर भगवान अनंतनाथ जी की भक्तिमय आरती — श्रेयांसपुर (अयोध्या) में जन्मे, शिया-लांछनधारी अनंत ज्ञानी जिनेश्वर की वंदना।
Read more →Aarti Shri Ajitnath Ji / आरती श्री अजितनाथ जी
जैन धर्म के द्वितीय तीर्थंकर भगवान अजितनाथ जी की भक्तिमय आरती — अयोध्या में जन्मे, हस्ति लांछनधारी, विजय-स्वरूप जिनेश्वर की पावन वंदना।
Read more →Aarti Shri Adinath Ji / आरती श्री आदिनाथ जी
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) जी की सामान्य आरती — अयोध्या में जन्मे, मानव सभ्यता के आदि प्रवर्तक की भक्तिमय वंदना।
Read more →Aarti Shri Adinath Ji (Chandankhedi) / आरती श्री आदिनाथ जी (चांदखेड़ी)
चांदखेड़ी के प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र में विराजमान प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) जी की विशेष आरती। सभी कष्टों का नाश और मोक्ष प्रदान करने वाले प्रभु की वंदना।
Read more →Aarti Shri Parshvanath Ji / आरती श्री पार्श्वनाथ जी
तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ जी की पवित्र आरती — काशी में जन्मे, नाग के रक्षक, कमठ का अहंकार नाशक, भव-पार करने वाले जिनेश्वर की स्तुति।
Read more →Aarti Shri Chandraprabhu Ji (Tijara) / आरती श्री चन्द्रप्रभु जी (तिजारा)
राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ तिजारा में विराजमान भगवान चन्द्रप्रभु जी की विशेष आरती — अनेक चमत्कारों और भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाले प्रभु की स्तुति।
Read more →Aarti Shri Mahavir Swami Ji / आरती श्री महावीर स्वामी जी
चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की भव्य आरती — कुंडलपुर में जन्मे, माता त्रिशला के नंदन, अहिंसा के महान प्रचारक की भक्तिमय वंदना।
Read more →Aarti Shri Chaubis Tirthankar / आरती श्री चौबीस तीर्थंकर
जैन धर्म के चौबीसों तीर्थंकरों की भव्य आरती — ऋषभ से महावीर तक सभी जिनराजों की वंदना करते हुए आवागमन के चक्र से मुक्ति की प्रार्थना।
Read more →Aarti Panch Parmeshthi / आरती पंच परमेष्ठी
पंच परमेष्ठी की मंगल आरती — अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु — पाँचों परम पदों की भक्तिपूर्ण वंदना जो आत्मा को शांति और मोक्ष का मार्ग दिखाती है।
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