आरती श्री चन्द्रप्रभु जी
जय चन्द्रप्रभु भगवन्, स्वामी जय चन्द्रप्रभु |
चंद्रपुरी अवतारी, त्रिभुवन के प्रभु |
ॐ जय चन्द्रप्रभु प्रभो ||
महासेन नृपति पिता, लक्ष्मणा माता जी-2 |
पौष शुक्ल एकादशी को, जन्मे दिन आया |
ॐ जय चन्द्रप्रभु प्रभो ||
पन्द्रह धनुष काया, श्वेत वर्ण राजे-2 |
चंद्र लांछन शोभित, तीनों जग में छाजे |
ॐ जय चन्द्रप्रभु प्रभो ||
दस लाख पूर्व आयु, धर्म खूब फैलाया-2 |
सम्मेद शिखर पर जाकर, मोक्षधाम पाया |
ॐ जय चन्द्रप्रभु प्रभो ||
भक्त-जन की बिगड़ी, बात बना देते-2 |
कष्ट हरण करके, मुक्ति दान देते |
ॐ जय चन्द्रप्रभु प्रभो ||