आरती श्री आदिनाथ जी (चांदखेड़ी)
जय आदिनाथ प्रभो, स्वामी जय आदिनाथ प्रभो |
चांदखेड़ी अतिशय धाम-2, भक्तों के विभो |
ॐ जय आदिनाथ प्रभो ||
नाभिराय कुल दीपक, माता मरुदेवी-2 |
अयोध्या नगरी जन्मे, त्रिभुवन के सेवी |
ॐ जय आदिनाथ प्रभो ||
चांदखेड़ी में दर्शन, सुख मन भाए-2 |
दूर-दूर से भक्त, चरण-शरण आए |
ॐ जय आदिनाथ प्रभो ||
प्रथम जिनेश्वर तुमसे, धर्म-ज्ञान पाया-2 |
कृषि कर्म और शिल्प, जग को सिखाया |
ॐ जय आदिनाथ प्रभो ||
भक्त दास की अर्जी, चरणों में आई-2 |
जनम-जनम की ममता, दूर हो जाई |
ॐ जय आदिनाथ प्रभो ||
त्रिलोक-नाथ त्रिभुवन, के हो तुम स्वामी-2 |
नमन करें हम दोनों, कर जोड़ नामी |
ॐ जय आदिनाथ प्रभो ||