आरती श्री बाहुबली जी
जय बाहुबली भगवन्, गोमटेश्वर महान |
श्रवणबेलगोला विराजे, कर्नाटक के शान |
ॐ जय बाहुबली प्रभो ||
ऋषभदेव के पुत्र तुम, बलशाली बाहुबली-2 |
भरत से युद्ध छोड़ा, लिया दीक्षा जली |
ॐ जय बाहुबली प्रभो ||
लता-वल्लरियाँ लिपटीं, तन पर चढ़ आईं-2 |
ध्यान में इतने डूबे, सुध नहीं पाई |
ॐ जय बाहुबली प्रभो ||
केवलज्ञान को पाया, तपोबल से भारी-2 |
अहिंसा-पथ का दीपक, हुए रोशनखारी |
ॐ जय बाहुबली प्रभो ||
अट्ठारह मीटर ऊँची, मूरत मन भाए-2 |
महामस्तकाभिषेक में, लाखों जन आए |
ॐ जय बाहुबली प्रभो ||
भक्त-जन चरणों में, शीश झुकाते हैं-2 |
त्याग और वैराग्य का, पाठ सिखाते हैं |
ॐ जय बाहुबली प्रभो ||