आरती वासुपूज्य जी
जय वासुपूज्य प्रभो, स्वामी जय वासुपूज्य |
चंपापुरी अवतारी, त्रिभुवन के पूज्य |
ॐ जय वासुपूज्य प्रभो ||
वसुपूज्य राजा पिता, जया माता जी-2 |
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, जन्म आया |
ॐ जय वासुपूज्य प्रभो ||
सत्तर धनुष की काया, रक्त वर्ण प्यारे-2 |
भैंसा-लांछन धारण किए, जग में जगमाए |
ॐ जय वासुपूज्य प्रभो ||
बहत्तर लाख पूर्व आयु, ज्ञान-ध्यान किया-2 |
चंपापुरी में ही प्रभु ने, मोक्ष-पद लिया |
ॐ जय वासुपूज्य प्रभो ||
भक्त-जन दर्शन करने, मन्दिर में आते-2 |
वासुपूज्य की आरती से, जन्म सफल पाते |
ॐ जय वासुपूज्य प्रभो ||