आजा अपने धर्म की तू राह में
आजा अपने धर्म की तू राह में, आजा |
अहिंसा-सत्य-संयम की राह में, आजा ||
माया-मोह में भटक रहा है तू, जाग जा जाग जा |
अपने जैन धर्म की पहचान कर, आज ही जाग जा ||
आजा अपने धर्म की तू राह में ||
अहिंसा ही परम धर्म है, इसे अपना जीवन बना |
किसी भी जीव को दुःख न दे, यही धर्म का खजाना |
आजा अपने धर्म की तू राह में ||
सत्य बोल सच का साथ दे, झूठ से दूरी बना |
अचौर्य और ब्रह्मचर्य से, जीवन को सुंदर बना ||
आजा अपने धर्म की तू राह में ||
त्याग और तपस्या का मार्ग ले, जिन-शासन को समझ |
नवकार मंत्र जपते-जपते, मोक्ष-मार्ग को पकड़ ||
आजा अपने धर्म की तू राह में ||