आरती श्री पुष्पदंत जी
जय पुष्पदंत प्रभो, स्वामी जय सुविधिनाथ |
काकंदी नगरी जन्मे, भक्तों के साथ |
ॐ जय पुष्पदंत प्रभो ||
सुग्रीव राजा पिता, रामादेवी माता-2 |
मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया, जन्म शुभ आता |
ॐ जय पुष्पदंत प्रभो ||
दो सौ धनुष की काया, श्वेत वर्ण प्यारे-2 |
मकर-लांछन धारण किए, जग में जगमाए |
ॐ जय पुष्पदंत प्रभो ||
दो लाख पूर्व आयु, धर्म-ध्यान किया-2 |
सम्मेद शिखर जाकर, मोक्ष-प्राप्ति लिया |
ॐ जय पुष्पदंत प्रभो ||
भक्त-जन चरणों में, आरती उतारें-2 |
पुष्पदंत प्रभु की कृपा से, जीवन सँवारें |
ॐ जय पुष्पदंत प्रभो ||