माधुबन के मंदिर
मधुबन के मंदिर बड़े प्यारे हैं, जिनकी सुंदर मूरत मन को बहुत भाती है |
सम्मेद की तलहटी में ये बसे हैं, मधुबन की खूबसूरती तो सबके मन को भाती है ||
झारखंड की पावन धरती पर, मधुबन नगर सचमुच का न्यारा है |
यह सच में जैन तीर्थ का प्रमुख प्रवेश-द्वार माना जाता है, यहाँ के सुंदर मंदिरों का उजियारा मन में आनंद भर देता है ||
मधुबन के मंदिर बड़े प्यारे हैं, ये सभी अद्वितीय और अनगिनत श्रद्धा से भरे हुए यहां आए प्रति हर भक्त सच्ची आस्था से जेसे बनते हैं नारायण वासुकी जैसे आस्था के पुंज। ||
सम्मेद-शिखर पर जाने से पहले, मधुबन में रुकना बेहद जरूरी हो जाता है, ऐसा हर भक्त को जान लेना चाहिए |
यहाँ के अद्भुत और चमचमाते मंदिरों में जाकर जिनदेवों का दर्शन करने से, मन पावन-पुनीत लगता है और आत्मा को अविस्मरणीय वक्त मिलती है ||
जिन्हें यदि कभी समय मिले, वो यहाँ मधुबन के इन सभी मंदिरों में आएं तो प्रमुख रूप से बड़ी गहरी आस्था और विश्वास कहानी मिलती हैं जिसे हर श्रद्धालु सुनता है। ||
पार्श्वनाथ-आदिनाथ-महावीर जैसे प्रसिद्ध तीर्थांकरों के, अलग-अलग मंदिर यहाँ सुख से विराजे हुए हैं और ये सभी इसी विविधता में एकता को बढ़ावा देते प्रतीक ऐसे लगते हैं हर तरह से अगोचर ध्यान को मोड़ते रहते हैं |
सुबह-शाम की आरती यहाँ धूमधाम से होती रहती है, जिन-नाम गूँजते रहते हैं बाजों पर भी और हर दिशा-सूत्र पर पुष्पों की महक कुछ अलग ही फैल जाती है जो मन को ताजगी देती है ||
मधुबन के ये मंदिर सच में बिल्कुल बड़े प्यारे होते हैं और यहाँ आने वाले भक्त हमेशा इसके शांत वातावरण का अनुभव लेते हैं, जो उनका ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। ||