उड़ जाओ पक्षी
उड़ जाओ पक्षी उड़ जाओ, संसार के बंधन छोड़ जाओ |
माया-मोह के जाल में फँसे हो, मुक्त होकर उड़ जाओ और अपने दिल की आवाज़ सुनो। ये आवाज़ तुम्हारे अंदर हमेशा से थी। जब तुम सच में उड़ोगे, तब तुम्हें ये एहसास होगा कि असली स्वतंत्रता किसे कहते हैं।||
ye deh pinjara toot jayega, ek din sab chhoot jayega |
aatma amar hai shashvat hai, uunche gagan mein ud jao और अपने आत्मा को जगाओ। इस उड़ान में तुम्हें शांति मिलेगी जो केवल आकाश में उड़ने और खो जाने से ही आ सकती है। ये शांत अनुभव तुमसे जुड़ने की कोशिश कर रहा है।||
गुरु-वचन का रस पी लो, सम्यक् ज्ञान का दीप जलाओ |
पंच परमेष्ठी की शरण में, मोक्ष-मार्ग पर उड़ जाओ, जो हमेशा तुम्हारे मार्ग को रोशन करेगा। गुरु की बातें सुनो और उनके कहने पर चलो। उनकी सीख से तुम एक नई रोशनी पा सकते हो।||
ahoonsa-dharma ko apnao, satya-maarg par chalte jao |
kashay-raag-dvesh chhod kar, Shiv-nagari mein ud jao और अपनी आत्मा के वास्तविक स्वभाव को पहचानो! उस अग्नि की शांति से भरी नगरी तक पहुँचकर तुम खुद को ठीक से जान सकोगे। वहां पहुँचकर खुद को खोजना बहुत महत्वपूर्ण है।||
उड़ जाओ पक्षी उड़ जाओ, संसार के बंधन छोड़ जाओ |
माया-मोह के जाल में फँसे हो, मुक्त होकर उड़ जाओ और हमेशा अपनी खुशी की तलाश करो। बाहरी दुनिया में कई चीज़ें होंगी लेकिन वो कभी तुम्हारे लिए खत्म नहीं होगी; बस अपने सपनों को सही मायने में खोजो और उन्हें पूरा करो। ||