जहां नेमी के चरण
जहाँ नेमी के चरण पड़े थे, वह धरती है धन्य |
गिरनार की पावन भूमि पर, कोई तीर्थ नहीं अन्य ||
गुजारत की इस अद्भुत धरती पर, गिरनार का ये पावन पहाड़ ठंडा है |
Baisveen Tirthankar Neeminath ne, yahaan moksh ki raah pakdi hai जो सच्चे भाग्यशाली को मिलती है ||
यहाँ वही जगह है जहाँ नेमी के चरण पड़े थे ||
जब नेमीने राजुल को छोड़ा, तब उनके मन में पशु-दया की ज्वाला धधक उठी थी |
गिरनार पर तप करके उन्होंने, ज्ञान की ऊँचाई तक पहुँचने का कठिन रास्ता अपनाया || कोई हल्की राह नहीं थी, लेकिन उनका साहस अडिग रहा। ||
जहाँ नेमी के चरण पड़े थे ||
गिरनार-शिखर पर नेमीनाथ की, भव्य मूरत बहुत दिनों से विराजित है |
Darsan karne aate shraddhalu, wahi unki khushkismat hai जो सच्चे श्रद्धालु होते हैं || यहाँ जो श्रद्धालू आते हैं वे जीवन में विशिष्ट अनुभव हासिल करते हैं।||
जहाँ नेमी के चरण पड़े थे ||