आरती श्री पद्मप्रभु जी
जय पद्मप्रभु भगवन्, स्वामी जय पद्मप्रभु |
कौशांबी में अवतरे, लाल वर्ण प्रभु |
ॐ जय पद्मप्रभु प्रभो ||
श्रीधर राजा पिता, सुसीमा माता जी-2 |
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी, जन्म महिमा आई |
ॐ जय पद्मप्रभु प्रभो ||
दो सौ पचास धनुष काया, रक्त वर्ण राजे-2 |
पद्म (कमल) लांछन धारण किए, जग में खूब छाजे |
ॐ जय पद्मप्रभु प्रभो ||
तीस लाख पूर्व आयु, केवलज्ञान पाया-2 |
सम्मेद शिखर पर जाकर, मोक्षधाम पाया |
ॐ जय पद्मप्रभु प्रभो ||
भक्त-जन पद्मप्रभु का, नाम जपते हैं-2 |
पाप-ताप-संताप से, मुक्त सदा रहते हैं |
ॐ जय पद्मप्रभु प्रभो ||