आदि-नाथ-आज तो बधाई
आदिनाथ आज तो बधाई, बधाई हो बधाई |
प्रथम तीर्थंकर का कल्याणक, खुशियाँ छाई-छाई ||
अयोध्या नगरी में आनंद छाया, देव-गण मंगल गाते |
नाभिराय के घर में जन्मे, माता मरुदेवी मुस्काते ||
आदिनाथ आज तो बधाई, बधाई हो बधाई ||
इन्द्र आए मेरु पर्वत पर, अभिषेक किया जल से |
त्रिलोक के नाथ जन्मे जग में, आनंद मिला सबको मन से ||
आदिनाथ आज तो बधाई, बधाई हो बधाई ||
दीक्षा लेकर तप किया कठिन, केवलज्ञान को पाया |
अष्टापद पर निर्वाण हुआ, मोक्षधाम को पाया ||
आदिनाथ आज तो बधाई, बधाई हो बधाई ||
पंच कल्याणक की बेला में, ढोल-नगाड़े बाजे |
जैन समाज में खुशियाँ छाईं, भक्तों के मन राजे ||
आदिनाथ आज तो बधाई, बधाई हो बधाई ||