आरती श्री शांतिनाथ जी
जय शांतिनाथ प्रभो, स्वामी जय शांतिनाथ |
हस्तिनापुर में अवतरे, शांति-सुख के साथ |
ॐ जय शांतिनाथ प्रभो ||
विश्वसेन राजा पिता, ऐरा माता जी-2 |
ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी, जन्म शुभ आई जी |
ॐ जय शांतिनाथ प्रभो ||
चालीस धनुष काया, सुवर्ण वर्ण प्यारे-2 |
हिरण-लांछन धारण किए, जग में जगमाए |
ॐ जय शांतिनाथ प्रभो ||
चक्रवर्ती भी थे तुम, कामदेव सुहाए-2 |
तीर्थंकर भी बने, मोक्ष-मार्ग दिखाए |
ॐ जय शांतिनाथ प्रभो ||
सम्मेद शिखर पर्वत, निर्वाण को पाया-2 |
भक्त-जन दुःख-हरण को, शांतिनाथ ध्याया |
ॐ जय शांतिनाथ प्रभो ||
विश्व में शांति-सुख-सम्पद, प्रभु से माँगते हैं-2 |
शांतिनाथ की आरती से, मंगल पाते हैं |
ॐ जय शांतिनाथ प्रभो ||