आरती श्री कुंथुनाथ जी
जय कुंथुनाथ प्रभो, स्वामी जय कुंथुनाथ |
हस्तिनापुर में अवतरे, भक्तों के साथ |
ॐ जय कुंथुनाथ प्रभो ||
शूर राजा के घर में, शूरसेना माता-2 |
वैशाख शुक्ल चतुर्दशी, धर्म का विधाता |
ॐ जय कुंथुनाथ प्रभो ||
पैंतीस धनुष काया, सुवर्ण वर्ण प्यारे-2 |
बकरा-लांछन शोभित, भक्तों के दुलारे |
ॐ जय कुंथुनाथ प्रभो ||
चक्रवर्ती भी थे तुम, फिर संन्यासी हुए-2 |
सम्मेद शिखर जाकर, परमात्मा बने हुए |
ॐ जय कुंथुनाथ प्रभो ||
भक्त-जन मन्दिर में, आरती उतारें-2 |
कुंथुनाथ की कृपा से, जीवन को सँवारें |
ॐ जय कुंथुनाथ प्रभो ||