आरती श्री नेमिनाथ जी
जय नेमिनाथ प्रभो, स्वामी जय नेमिनाथ |
शौरीपुर में अवतरे, भक्तों के साथ |
ॐ जय नेमिनाथ प्रभो ||
समुद्रविजय पिता, शिवादेवी माता-2 |
श्रावण शुक्ल पंचमी को, जगत का विधाता |
ॐ जय नेमिनाथ प्रभो ||
दस धनुष काया, श्यामवर्ण राजे-2 |
शंख-लांछन धारण किए, गिरनार में छाजे |
ॐ जय नेमिनाथ प्रभो ||
राजुल को छोड़ कर, दीक्षा थाम ली-2 |
पशु देख दयाभाव, वैराग्य की थाम ली |
ॐ जय नेमिनाथ प्रभो ||
गिरनार-शिखर पर जाकर, केवलज्ञान पाया-2 |
भक्त-जन हर संकट में, प्रभु को ध्याया |
ॐ जय नेमिनाथ प्रभो ||