आरती श्री जिनवाणी जी
जय जिनवाणी माता, स्वामी जय जिनवाणी |
मोक्षमार्ग प्रकाशिका, सर्वज्ञ की वाणी |
ॐ जय जिनवाणी माता ||
सम्यक् ज्ञान प्रकाशे, मिथ्यात्व हरती-2 |
जीवों को सन्मार्ग दे, भव-सागर तरती |
ॐ जय जिनवाणी माता ||
द्वादशांग स्वरूपा, आगम की धारा-2 |
अरिहंत-वचन-प्रकाश से, जग हुआ न्यारा |
ॐ जय जिनवाणी माता ||
षट् द्रव्य-नव पदार्थ, तत्त्व बतलाती-2 |
जीव-अजीव-पुण्य-पाप की, राह दिखलाती |
ॐ जय जिनवाणी माता ||
सरस्वती-स्वरूपा, माँ सुखदाई है-2 |
श्रुत-देवी की अर्चना से, मुक्ति आती है |
ॐ जय जिनवाणी माता ||
भक्त-जन माँ के चरणों में, शीश झुकाएँ-2 |
जिनवाणी की आरती से, मंगल फल पाएँ |
ॐ जय जिनवाणी माता ||