महाशिवरात्रि: तारीख, पूजा विधि और महत्व

Last updated: 20 Sep 2026

महाशिवरात्रि — संपूर्ण जानकारी

महाशिवरात्रि फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी रात्रि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, और यह भी माना जाता है कि इस रात्रि शिव जी ने तांडव नृत्य किया था।

पूजा सामग्री

बेलपत्र, धतूरा, भांग, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर (पंचामृत के लिए), चंदन, भस्म, धूप-दीप और सफेद फूल।

पूजा विधि

महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि के चार प्रहरों में की जाती है। शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक कर बेलपत्र और धतूरा अर्पित किया जाता है। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ किया जाता है। अधिकांश भक्त इस दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं।

धार्मिक महत्व

महाशिवरात्रि को शिव-पार्वती विवाह के उत्सव के साथ-साथ आत्मिक जागरण और ध्यान की रात्रि माना जाता है। कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत रखती हैं।

Frequently Asked Questions

महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

मान्यता है कि इस रात्रि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए इसे शिव-पार्वती विवाह के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

महाशिवरात्रि की पूजा किस समय की जाती है?

इस दिन की पूजा रात्रि के चार प्रहरों में की जाती है, और अधिकांश भक्त रात्रि जागरण करते हैं।

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