आरती श्री मल्लिनाथ जी
जय मल्लिनाथ प्रभो, स्वामी जय मल्लिनाथ |
मिथिला नगरी जन्मे, भक्तों के साथ |
ॐ जय मल्लिनाथ प्रभो ||
कुम्भ राजा के घर में, प्रभावती माता-2 |
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी, पावन जनम लाता |
ॐ जय मल्लिनाथ प्रभो ||
पच्चीस धनुष काया, नील वर्ण राजे-2 |
कलश लांछन धारण, त्रिभुवन में छाजे |
ॐ जय मल्लिनाथ प्रभो ||
छ्ह लाख पूर्व आयु, तप से ज्ञान पाया-2 |
सम्मेद शिखर जाकर, निर्वाण धाम पाया |
ॐ जय मल्लिनाथ प्रभो ||
भक्त-जन प्रभु चरणों में, मन को लगाएँ-2 |
मल्लिनाथ की आरती से, मंगल फल पाएँ |
ॐ जय मल्लिनाथ प्रभो ||