आरती छम छम छम छम
छम छम छम छम बाजे, आरती के थाल |
जिनेश्वर की आरती में, प्रभु का दरबार |
जय जिनेश्वर, जय जिनेश्वर, जय जिनेश्वर प्रभो ||
दीप जलाकर आरती, करते हैं भक्त-2 |
जिन चरणों में अर्पण कर, पाते हैं युक्त |
जय जिनेश्वर प्रभो ||
घंटा-घड़ियाल बाजे, शंख की गूँज-2 |
मंदिर में आरती से, मन की प्यास बुझे |
जय जिनेश्वर प्रभो ||
कर्पूर की आरती से, दूर हो अंधेरा-2 |
जिनवर के दर्शन से, मिटता है फेरा |
जय जिनेश्वर प्रभो ||
फूल-माला-धूप-दीप, से सजा है थाल-2 |
आरती उतारें हम, जिनवर के साथ |
जय जिनेश्वर प्रभो ||
छम छम की ताल पर, नाचे मन हमारा-2 |
जिनेश्वर की भक्ति में, जीवन हो न्यारा |
जय जिनेश्वर प्रभो ||