सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा
सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा, जिन के दर्शन पाऊंगा |
बीस तीर्थंकर की भूमि पर, शीश नवाऊंगा ||
झारखंड की पावन धरती पर, पारसनाथ पहाड़ी है |
बीस तीर्थंकरों का निर्वाण-स्थल, महिमा सबसे भारी है ||
सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा ||
टोंक-नाले पर चढ़ते जाएँ, श्रद्धा से कदम बढ़ाएँ |
पार्श्वनाथ-टोंक दर्शन करके, पुण्य अपार कमाएँ ||
सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा ||
गौतम स्वामी-गणधर की टोंक, दर्शन करूँगा जाकर |
सम्मेद की पावन भूमि पर, मन शांत होगा आकर ||
सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा ||
जो भी जाता सम्मेद शिखर पर, मुक्ति-बीज बो आता |
भव-भव के पाप धुल जाते हैं, मन निर्मल हो जाता ||
सम्मेद शिखर पर मैं जाऊंगा ||