भारतीय ज्योतिष में मंगल दोष एक ऐसी स्थिति है जो कुंडली में मंगल ग्रह की विशेष स्थिति के कारण बनती है। इसे मांगलिक दोष भी कहा जाता है और विवाह से पहले इसकी जांच पारंपरिक रूप से की जाती है।
मंगल दोष कैसे बनता है
जब कुंडली में मंगल ग्रह पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है, तब व्यक्ति को मांगलिक माना जाता है।
क्या मंगल दोष वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है
पारंपरिक मान्यता के अनुसार मंगल दोष वैवाहिक जीवन में तनाव ला सकता है, हालांकि कई ज्योतिषी मानते हैं कि दोनों पक्षों में मंगल दोष होने पर यह प्रभाव कम हो जाता है।
समाधान और उपाय
मंगल दोष के पारंपरिक उपायों में विशेष पूजा, व्रत और कुंडली मिलान शामिल हैं। हालांकि आधुनिक समय में कई जोड़े इसे केवल परंपरा के रूप में देखते हैं और आपसी समझ को अधिक महत्व देते हैं। कोरिश्ता पर आप अपनी प्राथमिकता के अनुसार मांगलिक या गैर-मांगलिक जीवनसाथी की खोज कर सकते हैं।
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