कुंडली मिलान क्या है और क्यों ज़रूरी है?

24 June, 2026 | विवाह गाइड | 5 मिनट पढ़ें

भारतीय विवाह परंपरा में कुंडली मिलान का विशेष महत्व है। यह एक प्राचीन ज्योतिषीय प्रक्रिया है जो वर और वधू की जन्म कुंडलियों का मिलान करके वैवाहिक अनुकूलता का आकलन करती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

कुंडली मिलान क्या है?

कुंडली मिलान, जिसे गुण मिलान भी कहा जाता है, एक पारंपरिक ज्योतिषीय प्रक्रिया है जिसमें लड़के और लड़की की जन्म कुंडलियों के 36 गुणों का मिलान किया जाता है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि दोनों व्यक्तियों के बीच वैवाहिक जीवन में सामंजस्य रहे।

36 गुण मिलान की प्रक्रिया

कुंडली मिलान में कुल 36 गुणों (अंकों) का मिलान किया जाता है, जो 8 विभिन्न श्रेणियों में विभाजित होते हैं। कम से कम 18 गुणों का मिलान होना शुभ माना जाता है, जबकि 24 या उससे अधिक गुणों का मिलान बहुत शुभ होता है।

क्या कुंडली मिलान ज़रूरी है?

कुंडली मिलान पूरी तरह से वैकल्पिक है। यह आपकी मान्यताओं और परिवार की परंपराओं पर निर्भर करता है। कई हिंदू परिवार इसे महत्वपूर्ण मानते हैं जबकि कई आधुनिक जोड़े बिना कुंडली मिलान के भी शादी कर रहे हैं। कोरिश्ता दोनों दृष्टिकोणों का सम्मान करता है।

अपना जीवनसाथी खोजना चाहते हैं?

कोरिश्ता पर मुफ्त प्रोफाइल बनाएं और हजारों सत्यापित प्रोफाइल में से अपना मैच खोजें।

मुफ्त रजिस्टर करें